मेरा कुछ सामान, तुम्हारे पास पडा है
सावन के कुछ भीगे भीगे दिन रखे है
और मेरे एक खत में लिपटी रात पडी है
वो रात बुझा दो, मेरा वो सामान लौटा दो

